आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zinde"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zinde"
फ़ारसी कलाम
ऐ ब-तू ज़िंद: जिस्म-ओ-जाँ मूनिस-ए-जान-ए-कीस्तीशेफ़्त-ए-तू इंस-ओ-जाँ उंस-ए-रवान-ए-कीस्ती
फ़ख़रुद्दीन इराक़ी
कलाम
किया हर नफ़्स को ज़िंदा साक़ी मुझे पिला केहर दम न ला रहा है कलिमा पढ़ा पढ़ा के
पीर अमीर शाह क़ादरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "zinde"
अन्य परिणाम "zinde"
कलाम
सब कुछ है दफ़्न मुझ में वो ज़िंदा मज़ार हूँइस वास्ते मैं अपनी ख़ुदी पर निसार हूँ
अज़ीज़ुद्दीन रिज़वाँ क़ादरी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
मुर्दः बुदम ज़िंद: शुदम गिर्यः बुदम ख़ंदः शुदमदौलत-ए-'इश्क़ आमद-ओ-मन दौलत-ए-पायंदः शुदम
रूमी
ना'त-ओ-मनक़बत
हरे झंडे के शहज़ादे जी मेरे पीर दस्तगीरहरे झंडे के शहज़ादे जी मेरे पीर दस्तगीर
वक़ारुद्दीन सिद्दीक़ी
सूफ़ी कहावत
अगर दुआ-ए-तिफ़्लां रा असर बूदे यक मोअल्लिम ज़िंदा नमांदे
अगर बच्चों की प्रार्थना में असर होता, तो कोई शिक्षक जिंदा नहीं रहता।
वाचिक परंपरा
कलाम
दिल जिस से ज़िंदा है वो तमन्ना तुम्हीं तो होहम जिस में बस रहे हैं वो दुनिया तुम्हीं तो हो
ज़फ़र अली ख़ान
सूफ़ी उद्धरण
अपने नफ़्स को हलाक कर ताकि तू ज़िन्दा हो जाए।
अपने नफ़्स को हलाक कर ताकि तू ज़िन्दा हो जाए।
