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सूफ़ी लेख
अमीर ख़ुसरो की सूफ़ियाना शाइ’री - डॉक्टर सफ़्दर अ’ली बेग
हुस्न मोहब्बत का जन्म-दाता और मोहब्बत, ज़िंदगी का हुस्न है चाहे वो हसीन ख़यालात हों या
फ़रोग़-ए-उर्दू
सूफ़ी लेख
बक़ा-ए-इंसानियत के सिलसिला में सूफ़िया का तरीक़ा-ए-कार- मौलाना जलालुद्दीन अ’ब्दुल मतीन फ़िरंगी महल्ली
मरा चे कार कि मनअ’-ए-शराब-ए-ख़्वार कुनम’’न तो मैं क़ाज़ी हूँ न मुहद्दिस,न पुलिस वाला न फ़क़ीह।मुझे
मुनादी
सूफ़ी लेख
पीर नसीरुद्दीन ‘नसीर’ महद से लहद तक
आम लोग उन पर अपनी जान छिड़कते थे। लोग उनकी तक़रीरें सुनने दूर-दूर से आते थे
रय्यान अबुलउलाई
सूफ़ी लेख
समाअ और क़व्वाली का सफ़रनामा
समाअ अपने सबसे आलिम जौहरी, हज़रत अमीर ख़ुसरौ के द्वार तक पहुँचती, जिन्होंने न सिर्फ़ समाअ
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
समाअ और क़व्वाली का सफ़रनामा
समाअ अपने सबसे आलिम जौहरी, हज़रत अमीर ख़ुसरौ के द्वार तक पहुँचती, जिन्होंने न सिर्फ़ समाअ
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
बिहार में क़व्वालों का इतिहास
क़व्वाली मौसीक़ी की एक ऐसी विधा है, जिस में साज़-ओ-आहंग के साथ ख़ुदा की तारीफ़ बयान
रय्यान अबुलउलाई
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हिन्दुस्तानी मौसीक़ी और अमीर ख़ुसरौ
ख़्वाजा हसन बस्री का क़ौल है: ‘‘अलज़ाहिद सय्यार व अल-आशिक़ तय्यार’’ ज़ाहिद बहुत तेज़ चलने वाला