परिणाम "chaak"
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दिल चाक सीना चाक जिगर चाक अल-फ़िराक़हम हो गए हैं चाक-ए-गिरेबाँ तिरे बग़ैर
हमेशा मैं ने गरेबाँ को चाक चाक कियातमाम उम्र रफ़ूगर रहे रफ़ू करते
ये दामन-ए-सद-चाक है वो सीना-ए-सदचाकफूलों की तरफ़ ताक अनादिल की तरफ़ देख
उलझन में पड़ गया है दिल चाक-चाक हो करशाना से आज कोई ज़ुल्फ़ें बना रहा है
हो गए लाखों ही दामन चाक ‘अमीर’-ए-साबरीबज़्म-ए-जानाँ में मिरा चाक-ए-गरेबाँ देख कर
चाक-ए-पर्दा से ये ग़म्ज़े हैं तो ऐ पर्दा-नशींएक में क्या कि सभी चाक-ए-गरेबाँ होंगे
वहाँ पुर्ज़े पुर्ज़े हुआ ख़त 'अमीर'यहाँ चाक मेरा जिगर हो गया
चाक मत कर जैब बे-अय्याम-ए-गुलकुछ उधर का भी इशारा चाहिए
पिया से संदेसा मोरा कहियो जाए रेकभी हो गरेबाँ चाक सहरा को निकलता हूँ
कौन गुल चेहरा-ए-रंगीं का नहीं दीवानाबाग़ ग़ुंचा है तिरे चाक गरेबानों का
कनआँ में भी नसीब हुई ख़ुद-दरीदगीचाक-ए-क़बा को दस्त-ए-ज़ुलेख़ा नहीं मिला
फिर वज़’-ए-एहतियात से रुकने लगा है दमबरसों हुए हैं चाक गरेबाँ किए हुए
हज़रत-ए-यूसुफ़ ने अच्छा गुल खिलाया मिस्र मेंचाक-दामानी से पैदा पाक-दामानी हुई
सिर्फ़ ग़म ख़ाक-बसर चाक-ए-गरेबाँ मुज़्तरक़ाबिल-ए-रहम है सूरत तेरे दीवाने की
कुछ दावा-ए-तमकीं में है मा'ज़ूर भी ज़ाहिदमस्ती में तुझे चाक-गरेबाँ नहीं देखा
ऐ दोस्त चाक-ए-दामन यूसुफ़ का वास्ताआ जा कभी तो दस्त-ए-ज़ुलेख़ा लिए हुए
दिल-ए-सद-चाक बनाया तो बला से लेकिनज़ुल्फ़-ए-मुश्कीं का तिरे शाना बनाया होता
एहसाँ किसी का कब है गवारा ब-रंग-ए-गुलहै चाक पैरहन नहीं लेकिन रफ़ू पसंद
पहले 'बेदम' की तरह कोई गरेबान चाक होशौक़ से फिर जल्वा देखे बे-हिजाबाना तिरा
धज्जियाँ किस की उड़ाएगा बता दस्त-ए-जुनूँचाक हम कर चुके पहले ही गरेबाँ अपना
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