आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "hindi ki patr patrikayen ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "hindi ki patr patrikayen ebooks"
कलाम
ये है वो मक़ाम कि जिस जगह ये ‘अमीर’-ए-साबरी खो गयान रही है जल्वों की आरज़ू न ही जल्वा-गर की तलाश है
अमीर बख़्श साबरी
कलाम
ब्रिज नारायण चकबस्त
कलाम
मोहम्मद सर से पा तक मज़हर-ए-हुस्न-ए-इलाही हैंकि आए दहर में तस्वीर-ए-सूरत आफ़रीं हो कर
बेदम शाह वारसी
कलाम
इक जाम खनकता जाम कि साक़ी रात गुज़रने वाली हैइक होश-रुबा इनआ'म कि साक़ी रात गुज़रने वाली है
क़तील शिफ़ाई
कलाम
लब्ब-ए-लुबाब-ए-जुमला कमालात-ए-'इश्क़ हैमुम्किन नहीं कि 'इश्क़ भी हो औलिया न हो