आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "kulliyat e bhai nand lal goya ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "kulliyat e bhai nand lal goya ebooks"
कलाम
ज़बान-ए-जल्वा से है गोया जहाँ का सारा निगार-ख़ानाफ़साना-ए-ग़ैर इक हक़ीक़त हक़ीक़त-ए-ग़ैर इक फ़साना
कामिल शत्तारी
कलाम
शकील बदायूँनी
कलाम
फ़स्ल-ए-गुल आई या अजल आई क्यूँ दर-ए-ज़िंदाँ खुलता हैया कोई वहशी और आ पहुँचा या कोई क़ैदी छूट गया
फ़ानी बदायूँनी
कलाम
रातीं रत्ती नींद न आवे दिहाँ रहे हैरानी हूआरिफ़ दी गल आरिफ़ जाणे क्या जाणे अफ़्सानी हू
सुल्तान बाहू
कलाम
छीन लो मुझ से दोस्तो ताक़त-ए-’अर्ज़-ए-मुद्दआ'उस ने मिज़ाज-ए-यार को दा’वत-ए-बरहमी भी दी
माहिरउल क़ादरी
कलाम
न हो क्यूँ मतला'-ए-अनवार-ए-'आलम उस की पेशानीवो पेशानी जो तेरे नक़्श-ए-पा से आश्ना भी है
महशर आरफ़ी
कलाम
रोज़-ए-अबद तक आप हैं सालार-ए-जैश-ए-अंबियारोज़-ए-अज़ल से मुर्शिद-ए-अहल-ए-सफ़ा भी आप हैं
अहमद नदीम क़ासमी
कलाम
शाह अकबर दानापूरी
कलाम
आशोब-ए-जुदाई क्या कहिए अनहोनी बातें होती हैंआँखों में अंधेरा छाता है जब उजयाली रातें होती हैं