आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "lucknow ke ummi shora haidar husain fiza lucknowi ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "lucknow ke ummi shora haidar husain fiza lucknowi ebooks"
कलाम
हबाब-आसा में दम भरता हूँ तेरी आश्नाई कानिहायत ग़म है इस क़तरे को दरिया की जुदाई का
ख़्वाजा हैदर अली आतिश
कलाम
मरज़-ए-जुदाई-ए-यार ने ये बिगाड़ दी है हमारी ख़ूकि मुआफ़िक़ अपने मिज़ाज के नज़र आती कोई दवा नहीं
ख़्वाजा हैदर अली आतिश
कलाम
मैं सिसकता रह गया और मर गए फ़रहाद-ओ-क़ैसक्या उन्हीं दोनों के हिस्से में क़ज़ा थी मैं न था
मिर्ज़ा अबुल मुज़फ़्फ़र
कलाम
लेकर जहाँ के हुस्न को शम्स-ओ-क़मर को क्या करूँमुझ को तो तुम पसंद अपनी नज़र को क्या करूँ
अब्दुल हादी काविश
कलाम
फ़ज़ा पैदा नहीं करती कहीं दीवाना बरसों सेनहीं उठता कोई पैग़म्बर-ए-वीराना बरसों से
सीमाब अकबराबादी
कलाम
फ़ैज़ से ‘बाक़ी’-ओ-‘फ़य्याज़’ के समझा है 'फ़िदा'वर्ना ये भेद छुपा था मुझे मा'लूम न था