Font by Mehr Nastaliq Web

गीत

सूफ़ी संतों ने बहुत से गीत और ठुमरियां लिखी हैं जिन्हें क़व्वाल सूफ़ी ख़ानक़ाहों पर कसरत से पढ़ते है।

292
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

छाप-तिलक

अमीर ख़ुसरौ

कन्हैया याद है कुछ भी हमारी

हिल्म आग़ाई अबुलउलाई

राखो लाज हमार अशरफ़ पिया

अली हुसैन अशरफ़ी

शाह निज़ाम महबूब-ए-इलाही

अली हुसैन अशरफ़ी

काहे मारो री नैन बान

वक़ारुद्दीन सिद्दीक़ी

मन कैसे माने

अली हुसैन अशरफ़ी

जा रे पथिकवा ले आओ खबरिया

शाह तुराब अली क़लंदर

छाए रहे कौने देस बलम मोरे

अली हुसैन अशरफ़ी

मन-मोहन अशरफ़ प्यारा

अली हुसैन अशरफ़ी

राह तुम्हारी देखत देखत

वक़ारुद्दीन सिद्दीक़ी

तुम बिन कौन हमारा मुहिउद्दीन

वक़ारुद्दीन सिद्दीक़ी

ग़ज़ब ढा गयो तोरे नैनाँ मुरारी

अब्दुल हादी काविश

हैदर का पूत आया ज़हरा का जाया आया

वक़ारुद्दीन सिद्दीक़ी

नीकी लगत मोहे अपने पिया की

शाह तुराब अली क़लंदर

कान्ह कुँवर के कारन राधा

शाह तुराब अली क़लंदर

मोरी बिथा सुन कान्ह कहत हैं

शाह तुराब अली क़लंदर

कैसे मैं लागूं पिया के गरवा

शाह तुराब अली क़लंदर

चली सखी पनिया भरन को चली

नाज़ाँ शोलापुरी

मोरा जिया रे पिया संग लाग

अली हुसैन अशरफ़ी

का सो कहूँ दुख अपना दई

शाह तुराब अली क़लंदर
बोलिए