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ता के रुख़-ए-पुर-नूरत बाशद ब-नक़ाब अंदर

बशीर

ता के रुख़-ए-पुर-नूरत बाशद ब-नक़ाब अंदर

बशीर

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    ता के रुख़-ए-पुर-नूरत बाशद ब-नक़ाब अंदर

    चूँ दर रह-ए-अम उफ़्तादः गलताँ ब-तुराब अंदर

    मायूस ज़-वस्ल-ए-तू वज़ ’इश्क़ नबात अंदर

    बे-कारम-ओ-बा-कारम चूँ मुद ब-हिसाब अंदर

    गोयानम-ओ-ख़ामोशम चूँ ख़त ब-किताब अंदर

    ज़-’इश्क़-ए-नबी हर-दम शोरीदः सरम कामिल

    वज़ राह-ए-सुलूक-ए-ऊ पस माँदः-अम-ओ-काहिल

    दर ख़ौफ़-ओ-रजा हस्तम अज़ मा’रिफ़तश जाहिल

    गह शादम-ओ-गह ग़मगीं अज़ हाल-ए-ख़ुदम ग़ाफ़िल

    मी-गिर्यम-ओ-मी-ख़ंदम चूँ लुत्फ़ ब-ख़्वाब अंदर

    ने शौक़-ए-दिली दारम बा-गुलशन-ए-फ़िरदौसी

    न 'अर्श-ए-बरीं दानम न मर्तबः-ए-कुर्सी

    सल्ले कि बा-ओ-दारम आगः न अज़ाँ क़ुदसी

    ऐ ज़ाहिद-ए-ज़ाहिर-बीं अज़ क़ुर्ब चे मी-पुर्सी

    ऊ दर मन-ओ-मन दुर्दे चुँ बू ब-गुलाब अंदर

    ऐ बहर-ए-करम 'इश्क़त अज़ दिल न-रवद हरगिज़

    बर सोज़-ए-दिलम बे-तू आबे न-रसद हरगिज़

    ईं दीदः-ए-गिर्यारम नफ़'ए न-देहद हरगिज़

    दरिया रवद अज़ चश्म लब तर न-शवद हरगिज़

    ईं तुर्फ़ः-तमाशः-बीं तिश्नः ब-अस्त ब-आब अंदर

    ऐ बहर-ए-‘बशीर’-ए-जाँ बा-क़तरः हमी साज़द

    ख़ुश-जल्वा-ए-यक्ताई दर शीशः-ए-दिल दारद

    दर पल्लः-ए-चश्मानम कौनैन नमी-संजद

    दर सीनः-ए-नसीरउद्दीन जुज़ 'इश्क़ नमी-गुजद

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