Sufinama

ru ai saba wa salamam ba-dil-nawaz rasan

Amir Khusrau

ru ai saba wa salamam ba-dil-nawaz rasan

Amir Khusrau

MORE BYAmir Khusrau

    INTERESTING FACT

    Translation: Amara Ali

    ai sabā va salāmam ba-dil-navāz rasāñ

    niyāz-e-banda badāñ shoḳh-e-ishvasāz rasāñ

    सबा जाओ और मेरा सलाम मेरे महबूब तक पहुँचाओ मेरी नियाज़मंदी इस नाज़-ओ-अदा वाले शोख़ तक पहुँचाओ

    ba-murdam va na-gushādam ġhamash chū jaañ be-deham

    babar hikāyat va bar mahramān-e-rāz rasāñ

    मैं मर गया लेकिन उसके ग़म को नहीं खोला यह बात जा कर राज़-दारों को बता दो.

    ba-jān-e-kāsta afsāna firāq ba-go

    ba-sham.a-e-soḳhta parvāna gudāz rasāñ

    हारी हुई जान को फ़िराक़ का अफ़्साना सुनाओ जली हुई शमा’ को जलने वाला परवाना मुहय्या करो.

    kujā.ī ai ki dilat bar halākat nā-ḳhush buud

    bayā va muzhda badāñ la.al-e-dil-navāz rasāñ

    तुम कहाँ हो कि तुम्हारा दिल मौत पर नाख़ुश था आओ और उन ख़ूबसूरत होठों को ये ख़ुश्ख़बरी पहुँचाओ.

    man āñche mī-kasham andar darāzī shub.hā

    ba-rozgār sar-e-zulf-e-ū farāz rasāñ

    तवील रातों में जो कुछ मुझ पर गुज़रती है वो उसकी ज़ुल्फ़ों की दराज़ी तक पहुँचाओ.

    dilam ba-burdī va tarsam ki dard-e-āñ rasadat

    dilam ba-zulf nigahdār va dard baaz rasāñ

    तुम मेरा दिल ले गए और मैं डरता हूँ कि उसका दर्द तुम्हें पहुँचेगा मेरा दिल ज़ुल्फों में रख लो और मेरा दर्द वापस कर दो.

    chū nīm-ḳhurda ḳhud baada bar zamīñ figanī

    bago ba-rūh-e-sitam kushtagān-e-nāz rasāñ

    जब तुम अपनी आधी पीसी हुई शराब ज़मीन पर फेंकों तो यह कहो, कि यह नाज़-ओ-अदा के चाहने वालों तक पहुँचा दो.

    ze-nāz iiñ hama nā-tavāñ faroḳht bar 'ḳhusrav'

    shikasta qadre marham-e-niyāz rasāñ

    यह सब कुछ नाज़ के बल-बूते पर ‘ख़ुसरौ’ को फ़रोख़्त नहीं किया जा सकता उस टूटे हुए शख़्स को थोड़ी सी नियाज़-मंदी की मरहम पहुँचाओ.

    ru ai saba wa salamam ba-dil-nawaz rasan

    niyaz-e-banda badan shoKH-e-ishwasaz rasan

    सबा जाओ और मेरा सलाम मेरे महबूब तक पहुँचाओ मेरी नियाज़मंदी इस नाज़-ओ-अदा वाले शोख़ तक पहुँचाओ

    ba-murdam wa na-gushadam ghamash chu jaan be-deham

    babar hikayat wa bar mahraman-e-raaz rasan

    मैं मर गया लेकिन उसके ग़म को नहीं खोला यह बात जा कर राज़-दारों को बता दो.

    ba-jaan-e-kasta afsana firaq ba-go

    ba-shama-e-soKHta parwana gudaz rasan

    हारी हुई जान को फ़िराक़ का अफ़्साना सुनाओ जली हुई शमा’ को जलने वाला परवाना मुहय्या करो.

    kujai ai ki dilat bar halakat na-KHush bud

    baya wa muzhda badan lal-e-dil-nawaz rasan

    तुम कहाँ हो कि तुम्हारा दिल मौत पर नाख़ुश था आओ और उन ख़ूबसूरत होठों को ये ख़ुश्ख़बरी पहुँचाओ.

    man aanche mi-kasham andar daraazi shubha

    ba-rozgar sar-e-zulf-e-u faraaz rasan

    तवील रातों में जो कुछ मुझ पर गुज़रती है वो उसकी ज़ुल्फ़ों की दराज़ी तक पहुँचाओ.

    dilam ba-burdi wa tarsam ki dard-e-an rasadat

    dilam ba-zulf nigahdar wa dard baz rasan

    तुम मेरा दिल ले गए और मैं डरता हूँ कि उसका दर्द तुम्हें पहुँचेगा मेरा दिल ज़ुल्फों में रख लो और मेरा दर्द वापस कर दो.

    chu nim-KHurda KHud baada bar zamin figani

    bago ba-ruh-e-sitam kushtagan-e-naz rasan

    जब तुम अपनी आधी पीसी हुई शराब ज़मीन पर फेंकों तो यह कहो, कि यह नाज़-ओ-अदा के चाहने वालों तक पहुँचा दो.

    ze-naz in hama na-tawan faroKHt bar 'KHusraw'

    shikasta ra qadre marham-e-niyaz rasan

    यह सब कुछ नाज़ के बल-बूते पर ‘ख़ुसरौ’ को फ़रोख़्त नहीं किया जा सकता उस टूटे हुए शख़्स को थोड़ी सी नियाज़-मंदी की मरहम पहुँचाओ.

    0
    COMMENTS
    VIEW COMMENTS

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi volutpat porttitor tortor, varius dignissim.

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY