Sufi Quotes of Makhdoom Sajjad Pak
यानी नींद में संतुलन रखना, लापरवाही में न पड़ना। ज़्यादा जागना तो ख़ुदा की याद, इबादत और साधना के लिए जागना।
ज़बान को फ़ुज़ूल बातों, चुग़ली और बेकार बातों से बचाना और केवल वही बात कहना, जो ख़ुदा की याद दिलाए या जिसमें भलाई हो।
ज़बान को फ़िज़ूल बातों, चुग़ली और बेकार बातों से बचाना और केवल वही बात कहना, जो ख़ुदा की याद दिलाए या जिसमें भलाई हो।
यानी नींद में संतुलन रखना, लापरवाही में न पड़ना। ख़ुदा की याद में ज़्यादा जागना, इबादत और साधना के लिए जागना।
कम खाना, मन पर क़ाबू पाने और आत्मिक उन्नति के लिए खाने में सादगी और संयम अपनाना।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere