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सलाम उस पर कि जो हम सोरत-ए-वहम-ए-राज़-ए-हैदर था

आरज़ू सहारनपुरी

सलाम उस पर कि जो हम सोरत-ए-वहम-ए-राज़-ए-हैदर था

आरज़ू सहारनपुरी

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    सलाम उस पर कि जो हम सोरत-ए-वहम-ए-राज़-ए-हैदर था

    सलाम उस पर जो दस्त-ओ-बाज़ु-ए-सिब्त-ए-पयम्बर था

    सलाम उस पर कि जो बहर-ए-शुजा'अत का शनावर था

    सलाम उस पर जो नाज़-ए-जुर्अत-ए-हमज़ा-ओ-जा’फ़र था

    सलाम उस पर बनी हाशिम का जिस को चाँद कहते थे

    सलाम उस पर कि जिस का नाम 'अब्बास-ए-दिलावर था

    सलाम उस पर कि 'आली था ज़माने में नसब जिस का

    सलाम उस पर कि सक़ा-ए-सकीना था लक़ब जिस का

    सलाम उस पर जलाल-ए-हाशमी था जिस की फ़ितरत में

    सलाम उस पर कि शान-ए-हैदरी था जिस की सूरत में

    सलाम उस पर कि जो हुस्न-ए-ए'तिबार-ए-क़ल्ब ज़ैनब था

    सलाम उस पर कि उन्स-ए-फ़ातिमी था जिस की सीरत में

    सलाम उस पर 'अलम की शान अब तक जिस से क़ाइम है

    सलाम उस पर जवाब अब तक नहीं जिस की शुजा'अत में

    सलाम उस पर कि जो इक नूर था बुर्ज-ए-फ़ज़ीलत का

    सलाम उस पर कि जो इक राज़ था क़ल्ब-ए-इमामत का

    सलाम उस पर कि दी शम'-ए-यक़ीं की रौशनी जिस ने

    सलाम उस पर कि बख़्शा रूह को ’ऐश-ए-ख़ुदी जिस ने

    सलाम उस पर जो सब्र-ओ-शुक्र की मंज़िल का रहरव था

    सलाम उस पर कि शाने कट गए और उफ़ की जिस ने

    सलाम उस पर कि ठोकर मार दी जिस ने हकूमत पर

    सलाम उस पर बदली फ़क़्र से शाहनशही जिस ने

    सलाम उस पर जो ख़िज़्र-ए-मंज़िल-ए-ईमान-ओ-ईक़ाँ था

    सलाम उस पर जो नब्बाज़-ए-मिज़ाज-ए-अहल-ए-’इरफ़ाँ था

    सलाम उस पर जो वारिस था अमीर-ए-हफ़्त-किश्वर का

    सलाम उस पर जो नाज़िम था ’उलूम-ए-हक़ के दफ़्तर का

    सलाम उस पर कि जिस का आज तक सानी नहीं कोई

    सलाम उस पर कि जिस में ज़ोर था नफ़्स-ए-पयम्बर का

    सलाम उस पर कि बार-ए-ग़म उठाया जिस ने ख़ुश होकर

    सलाम इस पर कि जो ग़म-ख़्वार था ज़हरा की दिलबर का

    सलाम उस पर कि दुश्मन काँपते थे जिस की हैबत से

    सलाम उस पर फ़ुरात अब तक है लर्ज़ां नाम से जिस के

    सलाम उस पर जफ़ा से बढ़ के ठुकरा दी वफ़ा जिस ने

    सलाम उस पर हिला दी सरज़मीन-ए-कर्बला जिस ने

    सलाम उस पर सँवारी ज़ुल्फ़-ए-तस्लीम-ओ-रज़ा जिस ने

    सलाम उस पर समझा कोई भी जिस का मक़ाम अब तक

    स्रोत :
    • पुस्तक : तज़्किरा-ए-शो’रा-ए-उत्तर प्रदेश जिल्द ग्यारहवी (पृष्ठ 37)
    • रचनाकार : इरफ़ान अ’ब्बासी

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