आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ladai ka ghar khwaja hasan nizami ebooks"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ladai ka ghar khwaja hasan nizami ebooks"
अन्य परिणाम "ladai ka ghar khwaja hasan nizami ebooks"
साखी
चितावनी का अंग - जा को रहना उत्त घर सो क्यों लोड़ै इत्त
जा को रहना उत्त घर सो क्यों लोड़ै इत्तजैसे पर घर पाहुना रहै उठाये चित्त
कबीर
दोहा
अपने घर का दुख भला पर घर का सुख छार
अपने घर का दुख भला पर घर का सुख छारऐसे जानै कुल बधऊ सो सतवंती नार
चरनदास जी
ना'त-ओ-मनक़बत
कहेगा हुस्न जन्नत का हसन मौला हसन मौलातुम्हीं हो ख़ुल्द के दूल्हा हसन मौला हसन मौला
ख़ालिद नदीम बदायूँनी
ना'त-ओ-मनक़बत
नाम-ए-हक़ पर अपना घर भर कर दिया जिस ने फ़िदाहैं वो मेरे कारवाँ आक़ा हसन मौला हुसैन
इश्तियाक़ आलम ज़िया शहबाज़ी
ना'त-ओ-मनक़बत
नेको क़दम नेको निशान ख़्वाजा मु'ईनुद्दीन हसनशाह-ए-शहंशाह-ए-ज़माँ ख़्वाजा मु'ईनुद्दीन हसन
अज्ञात
ना'त-ओ-मनक़बत
शाह-ए-हसन सरताज तू ख़्वाजा हसन सुल्तान तूसाहिब-ए-’इल्म-ओ-बसीरत बंदा-ए-रहमान तू