आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tazkira muslim shora e bihar part 004 syed ahmadullah nadwi ebooks"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "tazkira muslim shora e bihar part 004 syed ahmadullah nadwi ebooks"
ना'त-ओ-मनक़बत
रहमतों वाले नबी ख़ैर-उल-वरा का तज़्किराकीजिए हर वक़्त महबूब-ए-ख़ुदा का तज़्किरा
अ'ब्दुल सत्तार नियाज़ी
अन्य परिणाम "tazkira muslim shora e bihar part 004 syed ahmadullah nadwi ebooks"
ना'त-ओ-मनक़बत
सख़ा-ए-ख़्वाजा-ए-ख़ानून का है तज़्किरा घर-घरकोई ख़ाली नहीं जाता है इस दरबार में आकर
ख़्वाजा नाज़िर निज़ामी
सलाम
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसामेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
सय्यद हसन अहमद
ना'त-ओ-मनक़बत
मुस्लिम है जहाँ में रुतबा-ए-आ’ली क़तादा काशुजाअ'त में नहीं मिलता कोई सानी क़तादा का
वासिफ़ रज़ा वासिफ़
ग़ज़ल
रहा करता है अक्सर तज़्किरा बर्बादी-ए-दिल कामैं बिगड़ा हूँ तो अफ़्साना बना हूँ उन की महफ़िल का
अफ़सर सिद्दीक़ी अमरोहवी
ग़ज़ल
सय्यदा ख़ैराबादी
क़िता'
ज़ुल्फ़ का ज़िक्र हो या तज़्किरा हो शाने काहोगा 'उन्वान मगर मेरे ही अफ़्साने का