परिणाम "marg"
Tap the Advanced Search Filter button to refine your searches
चेहरे वो लाए हैं 'आशिक़ के मुर्ग़-ए-जाँ के लिएग़ज़ब की शाख़ निकाली है आशियाँ के लिए
मर्ग जिस को जहाँ में कहते हैंनाम है मेरी ज़िंदगानी का
हो चुकीं 'ग़ालिब' बलाएँ सब तमामएक मर्ग-ए-ना-गहानी और है
ज़िंदगानी-ओ-मर्ग भी क्या हैंएक मिस्ल-ए-ख़याल-ओ-दीगर ख़्वाब
पहुँच जाए अगर मुझ सख़्त-जाँ तकतो माँगे मौत मर्ग-ए-ना-गहाँ तक
मचलती हैं तिरी रंगीं अदाएँ मर्ग़-ज़ारों मेंतिरा परतव अँधेरी वादियों में कोहसारों में
क्या दिल जला रहा है पस-ए-मर्ग है दुआ'ठंडा रहे चराग़ इलाही मज़ार का
दूर तक कोई सितारा है न कोई जुगनूमर्ग-ए-उम्मीद के आसार नज़र आते हैं
बहार-ए-ज़िंदगानी का लुत्फ़ देखा और देखोगेकिसी का 'ऐश मर्ग-ए-ना-गहानी देखते जाओ
है मर्ग-ए-इश्क़ हसती-ए-जावेद की दलीलऐ दिल जफ़ा-ए-यार का शिकवानः चाहिए
मर्ग के बा'द है बेदार दिलों को आरामनींद भर कर वही सोएगा जो जागा होगा
ख़ुदा का शुक्र पस-ए-मर्ग फ़ातिहा के लिएवो मुत्तसिल मेरे मदफ़न के आए बैठे हैं
मेरा मक़ाम पस-ए-मर्ग राह-गुज़ार रहामैं वो ख़ाकसार हूँ कि ब्रहम मेरा मज़ार रहा
ग़फ़लत कफ़ील-ए-उम्र ओ 'असद' ज़ामिन-ए-नशातऐ मर्ग-ए-ना-गहाँ तुझे क्या इंतिज़ार है
ऐ मर्ग-ए-ना-गहाँ तेरा शिकवा करें तो क्याजाएँ कहाँ कि दर्द का दरमाँ चला गया
’उरूस-ए-मर्ग आई मुझ से हम-आग़ोश होने कोहुआ मश्शातगी पेशा मिरी शाम-ए-जुदाई का
आरज़ू है कि तिरा ध्यान रहे ता-दम-ए-मर्गशक्ल तेरी नज़र आए मुझे जब आए अजल
बा'द-ए-मर्ग आता नहीं बहर-ए-ज़ियारत भी कभीबेवफ़ाई देख ली और बद-गुमानी देख ली
बा’द-ए-मर्ग आई लब-ए-गोर फ़रीदों से सदाचैन अब दामन-ए-मादर का हमें याद आया
गरेबाँ गीर हो जातीं हज़ारों हसरतें दिल कीमगर ये ख़ैर गुज़री आई मर्ग-ए-ना-गहाँ मुझ को
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
Urdu poetry, urdu shayari, shayari in urdu, poetry in urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books