आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "तकल्लुम"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "तकल्लुम"
सूफ़ी शब्दावली
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "तकल्लुम"
ग़ज़ल
अदाओं से निगाहों से ख़मोशी से तकल्लुम सेहुसूल-ए-आरज़ू मंज़िल ब-मंज़िल होता जाता है
वासिफ़ अली वासिफ़
ग़ज़ल
मिरा हुस्न-ए-तकल्लुम कुछ अ'जब 'इरशाद' करता हैज़बाँ मेरी अदब की तर्जुमाँ मा'लूम होती है
इर्शाद जा’फ़री
कलाम
ग़ज़ल-गोई है नाम अज़कार-ए-हुस्न-ए-दोस्त का 'तुरफ़ा'तकल्लुम में लताफ़त हो तख़ातुब हो अदीबाना
तुरफ़ा क़ुरैशी
ना'त-ओ-मनक़बत
खोलता था बातों-बातों ही में असरार-ओ-रुमूज़आप का तर्ज़-ए-तकल्लुम आप का तर्ज़-ए-ख़िताब
हैरत शाह वारसी
नज़्म
मेरे आक़ा मेरे मुर्शिद 'बेदम'-ए-अली-जनाब
खोलता था बातों बातों ही में असरार-ओ-रुमूज़आप का तर्ज़-ए-तकल्लुम आप का तर्ज़-ए-ख़िताब
हैरत शाह वारसी
नज़्म
जोगी-नामः
कोई कुछ पूछे तो मुँह देख के चुप रह जानान तकल्लुम न इशारत न हिकायत न सुख़न
नज़ीर अकबराबादी
सूफ़ी लेख
बक़ा-ए-इन्सानियत में सूफ़ियों का हिस्सा (हज़रत शाह तुराब अ’ली क़लंदर काकोरवी के हवाला से) - डॉक्टर मसऊ’द अनवर अ’लवी
मुनादी
ना'त-ओ-मनक़बत
बे-नवाओं के दहन में भी वो रख देंगे ज़बाँगुंग को भी फ़न्न-ए-तकल्लुम का 'अता हो जाएगा
अली नज़र वसीम
ना'त-ओ-मनक़बत
जो अ'क़्ल मिरी होगई अब सर-ब-सर ही ग़मफिर तुझ से सिवा जाँ करूँ मैं किस से तकल्लुम