आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "मरदूद-ए-हरम"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "मरदूद-ए-हरम"
शे'र
निकल कर ज़ुल्फ़ से पहुँचूँगा क्यूँकर मुसहफ़-ए-रुख़ परअकेला हूँ अँधेरी रात है और दूर मंज़िल है
अकबर वारसी मेरठी
ना'त-ओ-मनक़बत
अयाज़ वारसी
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "मरदूद-ए-हरम"
ना'त-ओ-मनक़बत
है ’अक्स-ए-हरम रौज़ा महबूब-ए-इलाही कामरक़द है दर-ए-तैबा महबूब-ए-इलाही का
ख़्वाजा नाज़िर निज़ामी
ना'त-ओ-मनक़बत
पयाम सैहालवी
ना'त-ओ-मनक़बत
हरम हुज़ूर का बाग़-ए-इरम हुज़ूर का हैहर एक ज़र्रा पे लुत्फ़-ओ-करम हुज़ूर का है
मोहम्मद आसिफ़ नूरी
ग़ज़ल
जो हैं शैख़-ए-हरम बाग़-ए-जिनाँ के देखने वालेतो हम भी हैं किसी के आस्ताँ के देखने वाले
अख़्तर महमूद वारसी
कलाम
माहिरउल क़ादरी
कलाम
हरम और दैर के कतबे वो देखे जिस को फ़ुर्सत हैयहाँ हद्द-ए-नज़र तक सिर्फ़ उ'न्वान-ए-मोहब्बत है


