आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aaina e sikandari jam e jahaan numa meer abbas ali ebooks"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "aaina e sikandari jam e jahaan numa meer abbas ali ebooks"
शे'र
हुआ आईना से इज़हार उन का रू-ए-ज़ेबा हैबना मुम्किन है वाजिब से जो शनवा है वो गोया है
हकीम मीर यासीन अली
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
सालहा दिल-तलब-ए-जाम-ए-जम अज़ मा मी-कर्दआँ-चे ख़ुद दाश्त ज़े-बेगान: तमन्ना मी-कर्द
हाफ़िज़
अन्य परिणाम "aaina e sikandari jam e jahaan numa meer abbas ali ebooks"
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
अ'क्स-ए-रू-ए-तु चु दर आईना-ए-जाम उफ़्तादआरिफ़ अज़ परतव-ए-मय दर तमअ'-ए-ख़ाम उफ़्ताद
हाफ़िज़
ग़ज़ल
मोहम्मद समी
शे'र
वक़्त-ए-आराईश जो की आईना पर उसने नज़रहुस्न ख़ुद कहने लगा इस से हसीं देखा नहीं
मिर्ज़ा फ़िदा अली शाह मनन
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
हर सू-ए-शम्अ'-ओ-मशअ'ल: हर सू-ए-बांग-ओ-मश्ग़ल:कि-इम्शब जहान-ए-हामिल: ज़ायद जहान-ए-जावेदाँ
रूमी
फ़ारसी कलाम
साक़ी-ए-फ़र्रूख़-ए-रुख़-ए-मन जाम चू गुलनार ब-देहबहर-ए-मन अर मी न-देही बह्र-ए-दिल-ए-यार ब-देह
रूमी
शे'र
देख तेरे मुँह को कुछ आईना ही हैराँ नहींतुझ रुख़-ए-रौशन की है महर-ओ-मह-ए-ताबाँ में धूम
मीर मोहम्मद बेदार
फ़ारसी कलाम
म-देह तकलीफ़-ए-इल्म-ए-रस्मियम ऐ ’आलिम-ए-हालमपरेशाँ हालियम रू मी-देहद अज़ दर्स-ए-अबवाबम
शाह नियाज़ अहमद बरेलवी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
क़िबला-ए-मन रु-ए-तू का'ब:-ए-मन कु-ए-तुस्तबस्त:-अम अज़ मुद्दते बह्र-ए-तू एहराम रा