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सूफ़ी लेख
शैख़ फ़रीदुद्दीन अत्तार और शैख़ सनआँ की कहानी
सर न-पेचीदंद हर यक अज़ मकाम ।।इस प्रकार चालीस दिन तक वह लोग लगातार ईश्वर की आराधना में निमग्न रहे।
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
हिन्दुस्तान में क़ौमी यक-जेहती की रिवायात-आ’ली- बिशम्भर नाथ पाण्डेय
वो ज़माना ऐसा था कि चाहे शिवाजी हो या औरंगज़ेब गोलकुंडा का सुल्तान हो या बीजापुर
मुनादी
सूफ़ी लेख
Sheikh Naseeruddin Chiragh-e-Dehli
उसके बाद शेख़ ने एक आह भरी ! मैं और तुम ! हम ऐसे भूखे दरवेश
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
समकालीन खाद्य संकट और ख़ानक़ाही रिवायात
आप खाना बहुत कम तनाउल फ़रमाते।रियाज़त के ज़माने में लगातार सात-सात दिन तक रोज़े रखते और
रहबर मिस्बाही
सूफ़ी लेख
हज़रत ग़ौस ग्वालियरी और योग पर उनकी किताब "बह्र-उल-हयात"
हज़रत ग़ौस ग्वालियरी शत्तारिया सिलसिले के महान सूफ़ी संत थे. शत्तारी सिलसिला आप के समय बड़ा
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
मौलाना जलालुद्दीन रूमी
रूम के बादशाह, कैक़ुबाद की प्रार्थना पर शैख़ बहाउद्दीन पुत्र –पौत्र सहित क़ून्या आ गए। सन
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
पीर नसीरुद्दीन ‘नसीर’ महद से लहद तक
’’मुझे याद है कि मेरे शाइरी करने के बिल्कुल शुरुआती ज़माने में हज़रत पीर मेहर अली
रय्यान अबुलउलाई
सूफ़ी लेख
ग्रामोफ़ोन क़व्वाली
1947 ई. में विभाजन की त्रासदी से ये परिवार भी गुज़रा। उन का परिवार अपना मूल
सुमन मिश्र
सूफ़ी लेख
महाराष्ट्र के चार प्रसिद्ध संत-संप्रदाय - श्रीयुत बलदेव उपाध्याय, एम. ए. साहित्याचार्य
राक्षसों के बंदीगृह से ऋषियों और देवताओं के उद्धार करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र इस संप्रदाय
हिंदुस्तानी पत्रिका
सूफ़ी लेख
महाराष्ट्र के चार प्रसिद्ध संत-संप्रदाय- श्रीयुत बलदेव उपाध्याय, एम. ए. साहित्याचार्य
राक्षसों के बंदीगृह से ऋषियों और देवताओं के उद्धार करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र इस संप्रदाय
हिंदुस्तानी पत्रिका
सूफ़ी लेख
आगरा में ख़ानदान-ए-क़ादरिया के अ’ज़ीम सूफ़ी बुज़ुर्ग
आगरा की सूफ़ियाना तारीख़ उतनी ही पुरानी है जितनी ख़ुद आगरा की।आगरा श्री-कृष्ण के दौर से
फ़ैज़ अली शाह
सूफ़ी लेख
पदमावत के कुछ विशेष स्थल- श्री वासुदेवशरण
मलिक मुहम्मद जायसी कृत पदमावत की भाषा ऊपर से देखने पर बोलचाल की देहाती अवधी कही