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फ़ारसी कलाम
चुनीं कुश्त:-ए-हसरत-ए-कीस्तम मनकि चूँ आतिश अज़ सोख़्तन ज़ीस्तम मन
मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल
फ़ारसी कलाम
सितम अस्त गर हवसत कशद कि ब-सैर-ए-सर्व-ओ-समन दर आतु ज़ ग़ुंचः कम न दमीदः-ई दर-ए-दिल-कुशा ब-चमन दर आ
मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल
फ़ारसी कलाम
ईं कि सर बर तन बुवद बर दार बूदे काशकेवीं बदन ख़ाशाक-ए-राह-ए-यार बूदे काशके
शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी
फ़ारसी कलाम
तर्क-ए-आरज़ू कर्दम रंज-ए-हस्ती आसाँ शुदसोख़्त पर-फ़िशानी-हा कि-ईं क़फ़स गुलिस्ताँ शुद
मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल
फ़ारसी कलाम
बे-हिजाबानः दर आ अज़ दर-ए-काशान:-ए-माकि कसे नीस्त ब-जुज़ दर्द-ए-तू दर ख़ान:-ए-मा
शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी
फ़ारसी कलाम
निशात-ए-ईं-बहारम बे-गुल-ए-रूयत चे कार आयदतु गर आई बहिश्त आयद तरब आयद बहार आयद
मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल
फ़ारसी कलाम
यारब आँ साअ'त की ख़ल्क़ अज़ मा न-यारद हेच यादरहमत-ए-ख़़ुद कुन क़रीन-ए-मा इला यौमित्तनाद
शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी
फ़ारसी कलाम
आ'शिक़-ए-ज़ार-ए-मन बिया ता बर-ए-ख़ुद निशानमतअज़ मन अगर तू सर-कशी मूए कशाँ कशानमत
शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी
फ़ारसी कलाम
'अर्ज़-ए-हस्ती ज़ंग बर आईनः-ए-दिल मी-शवदता-नफ़स ख़त मी-कशद ईं सफ़्हः बातिल मी-शवद
मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल
फ़ारसी कलाम
या 'अली-ए-मुर्तज़ा या बुल-हसन या बू-तुराबशाह-ए-मर्दां शेर-ए-यज़्दाँ सरवर-ए-हर-दो-क़िबाब
मौलाना अब्दुल क़दीर सिद्दीक़ी
फ़ारसी कलाम
आस्तीं बर रुख़ कशीदी हम-चु मक्कार आमदीबा-ख़ुदी ख़ुद दर तमाशा सू-ए-बाज़ार आमदी
अब्दुल क़ुद्दूस गंगोही
फ़ारसी कलाम
हम ख़ुद ऊ मस्त-ओ-मय-ख़ान: हम साक़ी ख़ुद उस्तहम ख़ुद ऊ मुल्ला-ओ-वाइज़ गर्म जोश-ए-वाज़-ओ-पंद