उत्तर प्रदेश के शायर और अदीब
कुल: 1110
ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी
- जन्म : अमरोहा
18वीं सदी के बड़े शायरों में शामिल, मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन।
गोया फ़क़ीर मोहम्मद
- जन्म : कछौछा शरीफ़
नासिख़ के शिष्य, मराठा शासक यशवंत राव होलकर और अवध के नवाब ग़ाज़ी हैदर की सेना के सदस्य
पंडित चंद्रभान ब्राह्मण
मुनव्वर लखनवी
रामायण, भगवत गीता, और दूसरे बहुत से मज़हबी व ग़ैर मज़हबी पाठों का छन्दोबद्ध व गयात्मक अनुवाद करने के लिए प्रसिद्ध
बिस्मिल इलाहाबादी
नूह नारवी के शागिर्द, शायरी में आवामी रोज़मर्रा को जगह दी. ग़ज़लों के साथ अहम मज़हबी और जनप्रतिनिधियों पर नज़्में लिखीं
आबिद अकबराबादी
आबिद बरेलवी
आफ़ाक़ बनारसी
आफ़ताबुद्दीन फ़रीदी
आग़ा अकबराबादी
आजिज़ मथवी
आ’ली बदायूँनी
आराम अकबराबादी
आरिफ़ बलियावी
आ’रिफ़ तमीमी
आरज़ू अकबराबादी
आरज़ू सहारनपुरी
- जन्म : फ़तेहपुर
आसी गाज़ीपुरी
चौदहवीं सदी हिज्री के मुमताज़ सूफ़ी शाइ’र और ख़ानक़ाह-ए-रशीदिया जौनपूर के सज्जादा-नशीं
अब्दुल अज़ीज़ मुरादाबादी
अ’ब्दुल ग़फ़ूर नस्साख़
- जन्म : उत्तर प्रदेश
- निवास : वेस्ट बंगाल
क्लासिकी शैली और पैटर्न के प्रतिष्ठित शायर,अपनी किताब "सुख़न-ए-शोरा" के लिए मशहूर