Sufinama
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Abdul Rahman

Delhi, India

Dohe of Abdul Rahman

बारी बारी बैस में वारी सौति श्रृंगार।

हारी हारी करत है हारी हेरत हार।।

चुनी चुनी पहिरी सुरँग चुनी सौति दल कीन।

बनी बनी रस सो सरस तना तनी कुच पीन।।

पलकन में राखौ पियहि पलकन छाड़ौ संग।

पुतरी सो तै होहि जिन डरपत अपने अंग।।

करकी करकी चूरिया बरकी बरकी रीति।

दरकी दरकी कंचुकी हटकी हटकी प्रीति।।

नर राची मेंना लखी तू कित लिख्यो सुजान।

पढ़ कुरान भौरा भयो सुन राच्यो रहमान।।

बानी बानी देत शुभ जस बाती तस रीति।

रहैमान ताको तबै रहैमान चित प्रीति।।

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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