Sufinama
Hakeem Sanayee's Photo'

हकीम सनाई

1080 - 1131/41 | ग़ज़नी, अफगानिस्तान

मूल नाम : हाकीम अबुलमज्द मज्दूद सनाई ग़ज़नवी

पूरा नाम अब्दुल मजीद मजदूद बिन अदम| फ़ारसी के पहले सूफ़ी कवि. प्रोफ़ेसर ब्राउन ने अपनी लिटरेरी हिस्ट्री ऑफ़ पर्शिया में लिखा है "मसनवी लिखने वाले तीनो सूफ़ी शाईरों में सनाई का स्थान सर्वप्रथम आता है| अत्तार का स्थान दूसरा और रूमी का तीसरा स्थान है | सनाई पहले एक दरबारी कवि थे परन्तु कुछ वक़्त सूफ़ियों के संसर्ग में रहने का ऐसा असर पड़ा कि ख़ुद भी सूफ़ी हो गए| मौलाना रूमी ने अपनी मसनवी की शुरुआत में लिखा है - अत्तार रूह है और सनाई उसकी दो आँखें, मैं तो सनाई और अत्तार के पैरों के सामान हूँ .सनाई कि ख्याति उनके ग्रन्थ हदीका के कारण और अधिक हो गयी | इसमें ११००० पद हैं. इनका दीवान भी मिलता हैं |
इनकी प्रमुख रचनायें हैं -
१. दीवान
२. हदीक़ुल हक़ीक़त
३ . तरीकुत तहक़ीक़
४. ग़रीबनामा
५. अक़्लनामा
६. इश्क़ नामा