आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba-zabaan-e-punjab"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ba-zabaan-e-punjab"
ना'त-ओ-मनक़बत
इलाही वो ज़बाँ दे जो सना-ख़्वान-ए-मोहम्मद होसना ऐसी जो हर आईना शायाँ मोहम्मद हो
अब्दुल अलीम मेरठी
सूफ़ी शब्दावली
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "ba-zabaan-e-punjab"
ना'त-ओ-मनक़बत
अज़ल ही से मोहम्मद की सना-ख़्वाँ है ज़बाँ मेरीबयाज़-ए-सुब्ह-ए-हस्ती पर लिखी है दास्ताँ मेरी
आरज़ू सहारनपुरी
ना'त-ओ-मनक़बत
लक़ब ग़ौस-उल-वरा के जब ज़बाँ पर आने लगते हैंफ़रिश्ते आसमाँ से रहमतें बरसाने लगते हैं
इज़हार जबलपुरी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ऐ बाद-ए-मुश्क-बू ब-गुज़र सू-ए-आँ-निगारब-कुशा गिरह ज़े-ज़ुल्फ़श व बू-ए-ब-मन बयार
हाफ़िज़
ना'त-ओ-मनक़बत
अली हुसैन अशरफ़ी
ना'त-ओ-मनक़बत
बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर काहै यार-ए-ग़ार महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का
हसन रज़ा बरेलवी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ऐ ख़ुश आँ रोज़े कि मा बा यार-ए-खुद ख़ुश बूद:-एमबादः-नोशाँ ज़ाँ लब-ए-ला'ल-ए-शक्कर-वश बूदः-ऐम
अमीर ख़ुसरौ
गीत
नख़शब जारचवी
फ़ारसी कलाम
ऐ ख़ाक-ए-दर गह-ए-तु जबीन-ए-नियाज़-ए-माक़ुर्बान-ए-यक-निगाह तु 'उम्र-ए-दराज़-ए-मा






