परिणाम "نامہ"
Tap the Advanced Search Filter button to refine your searches
जितना कमी कि नामा-स्याही में रह गईउतनी ही देर ’अफ़्व-ए-इलाही में रह गई
कौन ले जाए नामा क़ातिल तकख़ौफ़ से जान नामा-बर में नहीं
लेता जा ओ नामा-बर मेरी ज़बाँबस यही नामा यही पैग़ाम है
ख़ुदा गवाह तकब्बुर से जिस को प्यार हुआसमझ लो बस वही इंसाँ ज़लील-ओ-ख़्वार हुआ
न देना ख़त-ए-शौक़ घबरा के पहलेमहल मौक़ा' ऐ नामा-बर देख लेना
दे के ख़त मुँह देखता है नामा-बरकुछ तो पैग़ाम-ए-ज़बानी और है
हुआ ये राज़ आख़िर फ़ाश तफ़्सीर-ए-मुज़्ज़म्मिल मेंयार आया था नामा-बर बन कर
नामा-बर आ के हमें ज़िंदा न तू पाएगाजान जाएगी हमारी तिरे आते-जाते
तुझ से तो कुछ कलाम नहीं लेकिन ऐ नदीममेरा सलाम कहियो अगर नामा-बर मिले
अल्लाह ख़ैर मेरे दिल-ए-बे-क़रार कीअंदाज़ यास का निगह-ए-नामा-बर में है
हो लिए क्यूँ नामा-बर के साथ-साथया-रब अपने ख़त को हम पहुंचाएँ क्या
नामा सियाह मेरा महशर में मत निकालेहम को मिरे नबी के दामन तले लुका ले
हो जाए अगर 'आशिक़ वो सूरत-ए-ज़ेबाईक़ासिद से भला क्यूँ कर फिर नामा-बरी होगी
क्या लिखें यार को नामा को नक़ाहत से यहाँफ़ास्ला ख़ामा-ओ-काग़ज़ में है मैदानों का
ख़त दीजियो छुपा के मिले वो अगर कहींलेना न मेरे नाम को ऐ नामा-बर कहीं
रखता नहीं ज़मीन पे मारे ख़ुशी के पाँवशायद जवाब-ए-ख़त कमर-ए-नामा-बर में है
नामा लिखेंगे उन को तो 'जौहर' लिखेंगे क्यादफ़्तर है शौक़-ए-यार का लिक्खा न जाएगा
क़ासिद-ए-शौक़-ए-दरूँ ले जाएगा नामा मिरापैक की हाजत है मुझ को ने कबूतर चाहिए
तुझे नामा-बर क़सम है वहीं दिन से रात करनाकोई एक बात पूछे तो हज़ार बात करना
कह दिया नामा-बर से हो तुम किस ख़याल मेंक्या तुम भी फँस गए गेसू के जाल में
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
Urdu poetry, urdu shayari, shayari in urdu, poetry in urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books