Font by Mehr Nastaliq Web
Jama'at Ali Shah's Photo'

जमा'अत अली शाह

1834 - 1951 | सियालकोट, पाकिस्तान

जमा'अत अली शाह

सूफ़ी उद्धरण 21

एक फ़क़ीर के लिए अमल के ख़ुलूस से बढ़ कर कोई चीज़ मुनाफ़ा-बख़्श नहीं। लालच और हिर्स फ़क़ीर को तबाह कर देते हैं।

  • शेयर कीजिए

कुछ लोग अपने शैख़ को ख़ुदा समझ बैठते हैं। ये बहुत बड़ी ग़लती है। इस से बेहतर है कि वो अपना मुँह बंद रखें।

  • शेयर कीजिए

ख़ुदा के सिवा किसी से ख़ुदा को मत माँगो।

  • शेयर कीजिए

जो शख़्स कम खाता है, कम सोता है और कम बोलता है, उस का नफ़्स मर जाता है।

  • शेयर कीजिए

Health is a great blessing of God. You should be grateful to Him.

Health is a great blessing of God. You should be grateful to Him.

  • शेयर कीजिए

Recitation

बोलिए