उसे देखो, जो तुम्हें देखता है। उस से मुहब्बत करो, जो तुम से मुहब्बत करता है। उस की सुनो, जो तुम्हारी सुनता है। अपना हाथ उसे दो, जो थामने के लिए तैयार है।
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दुनिया की दौलत इकट्ठा करने की हवस, इंसानों को जल्दबाज़ी करने पर उकसाने वाली चीज़ है।
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ऐ अमल करने वाले! इख़्लास पैदा कर, वर्ना फ़िज़ूल मशक़्क़त है।
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पहले अपने आप को नसीहत करो, फिर दूसरों को।
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शिकस्ता क़ब्रों में ग़ौर कर, कैसे-कैसे हसीनों की मिट्टी ख़राब हो रही है।
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