अख़्तर महमूद वारसी के अशआर
गदाई में मिली शाही मुझे उस की इ’नायत से
भला क्यूँकर अदा हो शुक्र उस के लुत्फ़-ए-बे-हद का
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टैग : अदा
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere