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अक़्ल वारसी

हाजी वारिस अ’ली शाह के मुरीद और लखनऊ के शाइ’र-ए- मश्शाक़

हाजी वारिस अ’ली शाह के मुरीद और लखनऊ के शाइ’र-ए- मश्शाक़

अक़्ल वारसी के ना'त-ओ-मनक़बत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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