तिरा आस्ताँ जो न मिल सका तेरी राह-ए-गुज़र पे जबीं सही हाजी महबूब अ'ली
मोहम्मद गुल अस्त व अली बू-ए-गुल हाजी महबूब अ'ली
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हाजी महबूब अ'ली
हाजी महबूब अ'ली
तिरा आस्ताँ जो न मिल सका तेरी राह-ए-गुज़र पे जबीं सही हाजी महबूब अ'ली
मोहम्मद गुल अस्त व अली बू-ए-गुल हाजी महबूब अ'ली
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