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जलालुद्दीन तबरेज़ी

1148 - 1244 | वेस्ट बंगाल, भारत

जलालुद्दीन तबरेज़ी के सूफ़ी उद्धरण

दरवेश का ख़िर्का पाना अस्ल चीज़ नहीं है, अस्ल चीज़ तो शैख़ की सोहबत है।

ज़्यादा बातें करने वाले इंसान का दिल, ख़ुदा के पैग़ाम के लिए सुस्त और बेपरवाह बन जाता है, इसलिए सिर्फ़ वही बोलो, जो ख़ुदा के लिए हो।

बहुत सी बातें दिल को ग़ाफ़िल कर देती हैं और उसे इलाही पैग़ाम से बे-परवाह बना देती हैं। वही बात कहनी चाहिए, जो सिर्फ़ ख़ुदा के लिए हो।

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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