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जंगली शाह वारसी

फ़तेहपुर, भारत

हाजी वारिस अ’ली शाह के चहेते मुरीद जिन्हों ने पीर-ओ-मुर्शिद के हुक्म पर जंगल में ज़िंदगी गुज़ारी

हाजी वारिस अ’ली शाह के चहेते मुरीद जिन्हों ने पीर-ओ-मुर्शिद के हुक्म पर जंगल में ज़िंदगी गुज़ारी

जंगली शाह वारसी के ना'त-ओ-मनक़बत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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