Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

मंसूर बिन अममार बसरी

- 839 | बसरा, इराक़

मंसूर बिन अममार बसरी

सूफ़ी उद्धरण 1

बड़ी आरज़ुओं को तर्क कर दो, ताकि ग़मों से निजात मिल जाये।

  • शेयर कीजिए
 

"बसरा" के और शायर

 

Recitation

बोलिए