Sufinama
noImage

रसखान

दोहा 5

जोहन नन्दकुमार को गई नंद के गेह

मोहिं देखे मुस्काइ कै बरस्यो मेह सनेह

  • शेयर कीजिए

कहा करै 'रसखानि' को कोऊ चुगुल लबार

जो पै राखनहार है माखन चाखनहार

  • शेयर कीजिए

भक्ति-भावना - बिमल सरल 'रसखानि' भई सकल 'रसखानि'

सोई नाव 'रसखानि' को चित चातक 'रसखानि'

  • शेयर कीजिए

कवित्त 9

सवैया 93

सोरठा 2