शैख़ मोहम्मद नदीमी के अशआर
लेने वाले अपनी आँखों से लगा लेते हैं उसे
आँख का तारा है संदल हज़रत-ए-मख़दूम का
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टैग : आँख
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere