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Unknown

Sufi Quotes of Unknown

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अगर कोई भलाई का काम करने वाले हो, तो अभी करो और अगर कोई बुराई का काम करने वाले हो तो उसे कल पर उठा रक्खो।

अगर यह विचार ध्यान से देखा जाए कि सारे पापों, बुराईयों और अपराधों की जड़ असमानता ही है। जब सभी इंसान एक ही तरीक़े से पैदा होते है, तो कोई वजह नहीं कि बीच का यह दौर—यानी जीवन असमानता से बिताया जाए।

इत्मिनान क़ुदरती दौलत है और बे-इत्मिनानी नकली सिक्कों जैसी है।

क़र्ज़ लेकर पैसा चुकाया जा सकता है, लेकिन हमदर्दी वो क़र्ज़ है जिसे इन्सान कभी नहीं चुका सकता।

अच्छा इन्सान, अपने दुश्मन के लिए एक दोस्त से भी बेहतर होता है।

अगर इल्म हासिल करना चाहते हो, तो इंकिसारी से काम लो और जब इल्म हासिल कर लो, तो ख़ुद में और इंकिसारी ले आओ।

तुम जिस से भलाई कर सके, उस से भलाई की उम्मीद रखो।

अगर तुम्हारे पास दो पैसे हों तो एक से रोटी ख़रीदो और दूसरे से फूल, रोटी तुम्हें ज़िंदगी देगी और फूल तुम्हें जीने का फ़न सिखाएगा।

आज तक कोई ऐसा अज़ीम इन्सान नहीं हुआ, जिस का चाल-चलन आला हो।

ना-इंसाफ़ी बर्दाश्त करने वाला ही मुजरिम होता है। अगर ना-इंसाफ़ी को बर्दाश्त किया जाए, तो फिर कोई भी शख़्स किसी से ना-इंसाफ़ी नहीं कर सकेगा।

एतिमाद से बढ़ कर कोई दवा नहीं है, इलाज तो महज़ एक बहाना है।

अच्छा बनना है तो अच्छों की सोहबत इख़्तियार करो।

Gnosis is like the surging waves-they raise up and they set down.

Gnosis is like the surging waves-they raise up and they set down.

बुरी बात की मुख़ालिफ़त करना, हिम्मत वाले आदमी ही का काम है।

एक अच्छा और पाकीज़ा दिल, अच्छे दिमाग़ से बेहतर है।

बेइज़्ज़ती, सज़ा पाने में नहीं बल्कि ज़ुल्म करने में है।

भीख माँगने से बढ़ कर कोई बुराई नहीं।

अच्छे ख़्यालात बेबाक बच्चों की तरह अचानक और यकायक सामने खड़े होते हैं और चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगते हैं कि, “हम यहाँ हैं, हम यहाँ हैं।“

तुम अच्छे हो और दुनिया तुम्हें बुरा कहे, ये इस से बेहतर है कि तुम बुरे हो और लोग तुम्हें अच्छा कहें।

अगर आप अक़्ल की हिफ़ाज़त में हैं, तो आपको किसी चीज़ की हिफ़ाज़त की ज़रूरत नहीं।

तन्हाई अहमक़ के लिए क़ैदख़ाना है और आलिम के लिए जन्नत।

पैसा भी हो, तो भी तंदरुस्ती, इल्म और आज़ादी इन्सान की अज़ीम ख़ुशहाली है।

बे-हया इन्सान हार कर भी नहीं हारता और मर कर भी नहीं मरता।

ना-इंसाफ़ी को मिटाओ, लेकिन अपने आप को मिटा कर नहीं।

ज़ुल्म इंसाफ़ को खा जाता है।

तौबा गुनाहों को खा जाती है।

झूठ रोज़ी को चट कर जाता है।

तकब्बुर इल्म को खा जाता है।

ग़ीबत नेकियों को खा जाती है।

नेकी बुराई को खा जाती है।

नेकी बुराई को खा जाती है।

पशेमानी सख़ावत को खा जाती है।

पशेमानी सख़ावत को खा जाती है।

सदक़ा (दान) मुसीबत को खा जाता है।

तौबा गुनाहों को खा जाती है।

ग़म उम्र को खा कर कम कर देता है।

ग़म उम्र को खा कर कम कर देता है।

झूठ रोज़ी को चट कर जाता है।

ग़ीबत नेकियों को खा जाती है।

ग़ुस्सा समझदारी को खा जाता है।

सदक़ा (दान) मुसीबत को खा जाता है।

तकब्बुर इल्म को खा जाता है।

ज़ुल्म इंसाफ़ को खा जाता है।

ग़ुस्सा समझदारी को खा जाता है।

جب تم سے ہو سکے ہنسو، تندرستی کا یہی راز ہے۔

سماج کی نا مکمل حالت میں نہیں بلکہ اپنی خامی کے بارے میں سوچنے والا شخص ایک دن سماج کی تکمیل کے قابل بن سکتا ہے۔

محبت کرنے والوں کے باہمی جھگڑے محبت میں اضافہ کرتے ہیں۔

خود اعتقادی سے بہادر یقینی طور پر کامیاب ہوتا ہے۔

سب سے پرکشش سمندر وہ ہے جسے ہم میں سے کسی نے دیکھا نہیں، سب سے اچھے دن وہ ہیں جو ہم نے گذارے نہیں، سب سے پیاری باتیں وہ ہیں جنہیں میرے ہونٹ ابھی تک تم سے نہیں کہہ سکے۔

قومیت انسان کو انسان سے دور رکھنے کا گورکھ دھندا ہے۔

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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