संपूर्ण
ग़ज़ल20
शे'र2
वीडियो4
परिचय
कलाम14
फ़ारसी सूफ़ी काव्य19
रूबाई1
ना'त-ओ-मनक़बत24
सलाम2
बसंत1
होली1
गीत2
शाह तक़ी राज़ बरेलवी के अशआर
ख़ुदा शाहिद है इस शम्‘अ-ए-फ़रौज़ाँ की ज़िया तुम हो
मैं हरगिज़ ये नहीं कहता तुमहें मेरे ख़ुदा तुम हो
-
टैग : ख़ुदा
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
कश्ती है सुकूँ की मौजों में इतना ही सहारा काफ़ी है
मेरे लिए तो ऐ जान-ए-जहाँ बस नाम तुमहारा काफ़ी है
-
टैग : कश्ती
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere