अब्दुल अज़ीज़ मुरादाबादी के सूफ़ी उद्धरण
दौलत ख़ुदा की नेमत है, लेकिन उस से बड़ी नेमत राह-ए-ख़ुदा में ख़र्च करने का जज़्बा है।
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere