Font by Mehr Nastaliq Web
Abu Bakr Shibli's Photo'

अबू बक्र शिबली

861 - 946 | बग़दाद, इराक़

अबू बक्र शिबली

सूफ़ी उद्धरण 37

आरिफ़ ख़ुदा के अलावा किसी को देखता है, मिलता है और ही ख़ुदा के अलावा किसी से मुहब्बत करता है।

  • शेयर कीजिए

परहेज़-गारी का मतलब ये है कि हर पल ऐसे गुज़ारो, जैसे कि क़यामत का पल है।

  • शेयर कीजिए

सूफ़ी ख़ुदा की गोद में खेलते हुए बच्चे हैं। तसव्वुफ़ एक तड़कती हुई बिजली की चमक है और मख़्लूक की परवाह करने का नाम है।

  • शेयर कीजिए

हसद की दो क़िस्में हैं - पहली हसद, जो इंसान की इंसान के लिए हसद है और दूसरी इलाही हसद, जो दिलों के लिए है। इलाही हसद इंसान की साँसों के लिए है, ताकि इंसान ख़ुदा के सिवा किसी और के लिए एक भी साँस ज़ाया करे।

  • शेयर कीजिए

شکرگزاری انعامات کا ادراک نہیں بلکہ دینے والے کا ادراک ہے۔

  • शेयर कीजिए

संबंधित सुफ़ी शायर

Recitation

बोलिए