Sufinama
Dariya Saheb (Bihar Waley)'s Photo'

दरिया साहेब (बिहार वाले)

1634 - 1680

दरिया साहब नाम के दो संतों का उल्लेख आता है। एक बिहार के निवासी थे तथा दूसरे मारवाड़ के। बिहार वाले दरिया साहब की लगभग 20 रचनाएं बतायी जाती हैं तथा सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शब्द अथवा बीजक है। इसके अलावा दरियासागर एवं ज्ञानदीपक नामक रचनाएँ भी प्रकाशित हैं। ज्ञान-स्वरोदय नाम की एक रचना इनके द्वारा लिखित बतायी जाती हैं, जो स्वर विज्ञान के विषय में है। दरिया साहब का मत कबीर से मिलता-जुलता है। इनके मत से परमात्मा घट-घट व्यापी है और अखिल ब्रह्माण्ड व्यापी भी। इनके द्वारा प्रवर्तित दरियादासी संप्रदाय उत्तर प्रदेश एवं बिहार में प्रचलित हैं। सारन एवं मुज़फ्फ़रपुर में इनकी गद्दियाँ पायी जाती हैं।