ओ कबीर! दरवेश की सोहबत में ख़ुदा याद आता है, यही लम्हे काम के हैं बाक़ी सब बेकार।
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पाक वो नहीं हैं, जो अपना जिस्म धो कर बैठ जाते हैं। पाक वो हैं कि जिन के अन्दर ख़ुदा रहता है।
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बुरे कामों से परहेज़ करना, इंसान के लिए भलाई और हिफ़ाज़त की वजह है। ऐसे नेक इंसान को इस ज़िंदगी में ही निजात मिल जाती है। उस का जीवन मानो अमर हो जाता है।
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बुराई के ख़िलाफ़ लड़ना इन्सान का सबसे बेहतर अमल है।
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نیکوں کی صفات یہ ہیں، بزرگوں کی خدمت اہل کمال کی خدمت اور ریا کاری سے اعتراض۔
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