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नजीब लखनवी

- 1940

फ़िरंगी महल के आ’लिम-ए-दीन और ख़्वाजा अ’ज़ीज़ लखनवी के शागिर्द-ए-अ’ज़ीज़

फ़िरंगी महल के आ’लिम-ए-दीन और ख़्वाजा अ’ज़ीज़ लखनवी के शागिर्द-ए-अ’ज़ीज़

नजीब लखनवी की ग़ज़लें

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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