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राक़िम वारसी

- 2017 | कानपुर, भारत

मुम्ताज़ आ’लिम-ए-दीन, फ़ाज़िल-ए-मतीन और वारसी शाइ’र

मुम्ताज़ आ’लिम-ए-दीन, फ़ाज़िल-ए-मतीन और वारसी शाइ’र

राक़िम वारसी के ना'त-ओ-मनक़बत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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