शाह फ़ज़्ल-ए-रहमान गंज मुरादाबादी के सूफ़ी उद्धरण
किसी सच्चे निस्बत वाले पीर से मुरीद होना नजात का कारण बनता है। क़यामत के दिन जब उस पीर पर ख़ुदा की इनायत होगी, तो उसकी रूहानी रोशनी का असर उसके मुरीदों तक भी पहुँचेगा और वे सभी उसके साथ जन्नत में प्रवेश करेंगे।
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आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना और कोई ऊँचा दर्जा हासिल करना आसान हो सकता है लेकिन किसी सच्चे पीर से गहरी निस्बत बनाना और निभाना सबसे कठिन है।
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علم کی غرض عمل ہے، اگر عمل نہ ہوا تو علم حاصل کرنا بیکار ہے، صوفیہ جتنا پڑھتے تھے اس پر عمل کرتے تھے۔
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ولایت اسی کو کہتے ہیں کہ احکامِ شریعت ہے تکلف ہونے لگیں اور افعالِ شریعت ایسے ہو جائیں کہ گویا امورِ طبعی ہیں۔
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere