सय्यद अमजद हुसैन के सूफ़ी लेख
ख़्वाजा इसहाक़ मग़रिबी और कुछ बातें
शैख़पुरा ज़िले के मटोखर शरीफ़ में मौजूद ख़्वाजा इसहाक मग़रिबी की दरगाह बीसवीं सदी तक उन चंद मक़ामात में शुमार होती थी, जिन्हें हुकूमती अनुदान दिलाने की कोशिश में कई आला ओहदे-दारों ने भरसक मेहनत की। अख़्तर ओरेनवी की एक किताब के अनुसार, शहज़ादा अज़ीमुश्शान
ख़ानक़ाह शाकिरिया, पिंड शरीफ़, शैखपुरा के 123वाँ उर्स मुबारक के मौक़े पर
शेखपुरा ज़िले के पिंड शरीफ़ में मौजूद ख़ानक़ाह शाकिरिया की बुनियाद हज़रत सय्यद शाह ताजुद्दीन ‘शाकिर’ अबुलउलाई क़ादरी (1835–1921) ने रखी थी। आप सिमली शरीफ़, पटना के मशहूर सूफ़ी बुज़ुर्ग हज़रत सय्यद शाह अली हुसैन ‘बाक़ी’ के मुरीद और ख़लीफ़ा थे। हज़रत ताजुद्दीन