आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "रिज़्क़"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "रिज़्क़"
रूबाई
चूँ रिज़्क़-ए-तु आँ चे अद्ल क़िस्मत फ़र्मूदयक ज़र्रः न कम शुद व न ख़्वाहद अफ़्ज़ूद
अ’ली इमाम ख़ान
सूफ़ी उद्धरण
रिज़्क़ का तंग करना और कुशादा करना ख़ुदा ही का काम है। किसी को इस में दख़्ल नहीं है।
रिज़्क़ का तंग करना और कुशादा करना ख़ुदा ही का काम है। किसी को इस में दख़्ल नहीं है।
ख़्वाजा मासूम सरहिन्दी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "रिज़्क़"
मुनाजात
दिल से दुनिया निकाल दे मौला
तुझ से करते हैं इल्तिजा इतनीहम को रिज़्क़-ए-हलाल दे मौला
उवैस रज़ा अम्बर
सूफ़ी लेख
दाता गंज-बख़्श शैख़ अ'ली हुज्वेरी
अव़्वलः तौबा गुनाहों को खा जाती है।दोउमः झूट रिज़्क़ को चट कर जाती है।
डाॅ. ज़ुहूरुल हसन शारिब
मसनवी
बर अर्बाब-ए-ईमाँ कुशा बाब-ए-रिज़्क़कि मुफ़्लिस न मानिंद-ए-ईशाँ ज़े-सिद्क़
शाह नियाज़ अहमद बरेलवी
कलाम
आग का रिज़्क़ है वो सोख़ता क़िस्मत भी 'नसीर'शम्-ए'-तस्वीर है जलते हुए परवाने की
पीर नसीरुद्दीन नसीर
ना'त-ओ-मनक़बत
देता है रिज़्क़ कीड़ों को पत्थर के सुब्ह-ओ-शामऐसा है फ़ैज़-ए-’आम हमारे कफ़ील का
अर्श गयावी
ना'त-ओ-मनक़बत
तंगी-ए-रिज़्क़ से इफ़्लास से मजबूर न होंज़ुल्म की काली घटा से कभी मक़हूर न हों
ख़्वाजा नाज़िर निज़ामी
ग़ज़ल
चश्म-ए-नै की मुद्दतों गर्दिश तो पाया एक तिलरिज़्क़ इंसाँ को मुक़द्दर से सिवा मिलता नहीं