Font by Mehr Nastaliq Web
Dr. Saad Zafar's Photo'

डा. साद ज़फ़र

1992 | दिल्ली, भारत

उर्दू और फ़ारसी साहित्य के गंभीर शोधकर्ता, जिनकी विद्वतापूर्ण दृष्टि, शोधपरक निष्ठा और गहरी सूफ़ी समझ समकालीन बौद्धिक संसार को आलोकित कर रही है।

उर्दू और फ़ारसी साहित्य के गंभीर शोधकर्ता, जिनकी विद्वतापूर्ण दृष्टि, शोधपरक निष्ठा और गहरी सूफ़ी समझ समकालीन बौद्धिक संसार को आलोकित कर रही है।

डा. साद ज़फ़र का परिचय

मूल नाम : मोहम्मद साद ज़फ़र

जन्म : 15 Jul 1992 | लखीमपुर, उत्तर प्रदेश

डॉ. मोहम्मद साद ज़फ़र उर्दू और फ़ारसी साहित्य के एक गंभीर, मेहनती और दूरदर्शी विद्वान एवं शोधकर्ता हैं। उनका शैक्षिक जीवन उत्तर प्रदेश के ज़िला लखीमपुर (खीरी) के पास स्थित गाँव परसेड़ियासे शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने सीमित साधनों के बावजूद प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसी ग्रामीण वातावरण में उनके भीतर ज्ञान, जिज्ञासा और सोचने की क्षमता विकसित हुई।

उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने University of Lucknow से बी.ए. किया। अपने शिक्षक डॉ. अरशदुल क़ादरी के मार्गदर्शन में उन्होंने Jawaharlal Nehru University, नई दिल्ली में प्रवेश लिया। यहाँ से उनके जीवन को नई दिशा मिली। इस विश्वविद्यालय में उन्होंने फ़ारसी साहित्य में एम.ए., एम.फ़िल और पीएच.डी. पूरी की।

जेएनयू में उनके कई प्रसिद्ध शिक्षक रहे, जिन्होंने उनकी शोध क्षमता को निखारा और उन्हें गंभीर अध्ययन की ओर प्रेरित किया। उनका एम.फिल. शोध नजातुर रशीद का आलोचनात्मक अध्ययनएक महत्वपूर्ण शोध कार्य है। उनकी पीएच.डी. का विषय इल्मुल किताब का आलोचनात्मक अध्ययनथा, जो प्रसिद्ध सूफ़ी कवि ख्वाजा मीर दर्द की रचनाओं पर आधारित है।

डॉ. मोहम्मद साद ज़फ़र की रचनाएँ गहन अध्ययन, संतुलित सोच और ईमानदार शोध का उदाहरण हैं। वे नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनका शैक्षिक योगदान उर्दू और फ़ारसी साहित्य के लिए एक बहुमूल्य धरोहर है।

उन्होंने प्रारंभिक रूप से अरबी और फ़ारसी की शिक्षा जामिआ इस्लामिया, शाहजहाँपुर से प्राप्त की। इसके बाद ख़ादिमुल इस्लाम, हापुड़ और मदरसा शाही, मुरादाबाद से धार्मिक शिक्षा पूरी की। इन संस्थानों ने उनके व्यक्तित्व और सोच को मज़बूत बनाया। आगे चलकर उन्होंने इस्लामिया इंटर कॉलेज, शाहजहाँपुर से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की।

संबंधित टैग

Recitation

बोलिए