Font by Mehr Nastaliq Web
Sufinama
noImage

आशना फुलवारवी

1778 - 1853 | फुलवारी शरीफ़, भारत

फुलवारी शरीफ़ के सूफ़ी शाइ’र

फुलवारी शरीफ़ के सूफ़ी शाइ’र

आशना फुलवारवी के अशआर

हाथ से इ’श्क़ के बचने की तो उम्मीद नहीं

सीना अफ़गार है दिल ख़ूँ है जिगर पानी है

क्या कहा तू ने सबा कह तू चमन में क्यूँ आज

ग़ुंचे को तंग-दिली गुल को परेशानी है

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

Recitation

बोलिए