बयाँ देहलवी के अशआर
आपका ये आ’रिज़-ए-मुतलक़ नहीं क़ुरआन है
बात ये ईमान की है ये मिरा ईमान है
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टैग : ईमान
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere