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बेदम शाह वारसी

1876 - 1936 | उन्नाव, भारत

मा’रूफ़ ना’त-गो शाइ’र और ''बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना' के लिए मशहूर

मा’रूफ़ ना’त-गो शाइ’र और ''बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना' के लिए मशहूर

बेदम शाह वारसी

ग़ज़ल 69

शे'र 86

कलाम 8

फ़ारसी सूफ़ी काव्य 1

 

रूबाई 3

 

ना'त-ओ-मनक़बत 22

क़िता' 1

 

वीडियो 32

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बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना

ओवैद रज़ा क़ादरी

बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना

अमजद साबरी

बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना

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बेदम शाह वारसी

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aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI