ख़्वाजा फ़ख़रुद्दीन चिश्ती के सूफ़ी उद्धरण
तालिब-ए-हक़ को चाहिए कि रात को सोने से पहले अपने पूरे बदन का मुहासिबा करे और देखे कि उस ने बंदा होने का हक़ अदा किया है या नहीं?
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere