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Khwaja Fakhruddin Chishti's Photo'

ख़्वाजा फ़ख़रुद्दीन चिश्ती

1717 - 1784 | दिल्ली, भारत

ख़्वाजा फ़ख़रुद्दीन चिश्ती के सूफ़ी उद्धरण

दुनिया आख़िरत की खेती है।

याद-ए-मौला सब से अव्वलीं है।

वक़्त की क़द्र करो और उस का कोई भी लम्हा फ़ुज़ूल काम में ज़ाया मत करो।

हुज़ूर-ओ-ग़ैब को दिल से दूर करना चाहिए।

तालिब-ए-हक़ को चाहिए कि रात को सोने से पहले अपने पूरे बदन का मुहासिबा करे और देखे कि उस ने बंदा होने का हक़ अदा किया है या नहीं?

یادِ مولیٰ سب سے اولیٰ ہے۔

دنیا آخرت کی کھیتی ہے۔

سال کو فریبِ نفسانی نہ کھانا چاہئے۔

حضور و غیب کو دل سے دور کرنا چاہئے۔

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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